शेर-ओ-सुख़न

जज़्बात जब शेर-ओ-सुख़न की शक्ल इख्तियार कर लेते हैं तो सभी को अपने-से लगते हैं। ये बज़्म है कुछ ज़हीन शायरों की……

कम्प्यूटर की स्क्रीन पर झांकते हुए
अचानक यदि इस पृष्ठ ने
आपके दिल के भीतर सोई
संवेदना की वीणा के तार
छेड़ दिए हों
या फिर
इस वेबसाईट के
किसी पृष्ठ की कोई पंक्ति
आपको छू कर गुज़र गई हो
तो कृपया
अपनी प्रतिक्रिया
हमे प्रेषित करें

Leave Comment