दूषित विचारों और संस्कारों में अना की
कल जब होगी तकरार तब देखना
पैसे के नशे में मान-मर्यादा बेचने की
घटनाएँ होंगी बार-बार तब देखना
ख़ुद को अगर न संभाला तो कहानी होगी
और भी ज़ियादा दुष्वार तब देखना
रू-ब-रू हमारे आबरू बहन बेटियों की
सड़कों पे होगी तार-तार तब देखना

© चरणजीत चरण