मैंने बोतल से निकले हुए
जिन्न से कहा
यदि संभव हो तो
धरती पर से भ्रष्टाचार मिटा दो,
जिन्न बोला
मैं वापिस बोतल में घुस रहा हूँ
तुम ऊपर से ढक्कन लगा दो।

© प्रवीण शुक्ला