ग्रीक मिथकों में डायना को चन्द्रमा की देवी माना गया है। वह पवित्रता और शिकार की देवी भी है। कहते हैं वह आधी रात को घने पेड़ों से घिरी एक झील में स्नान करने आती है। एक्टिअन नाम के एक शिकारी ने पेड़ के पीछे छुप कर उसे नग्न स्नान करते देख लिया। कुपित डायना ने एक्टिअन को हिरन में बदल दिया और उसी के शिकारी कुत्तो उसके पीछे पड़ गए और अन्तत: उसे पकड़ कर फाड़ डाला।

सिलौन रेडियो का व्यापार विभाग
फरमाइशी प्रोग्राम

”पागल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ….”

यह तो मैं हूँ
अच्छी तरह जानता हूँ
कि क्यों
किसी के अलभ्य चुम्बन का
पूर्वाभास मात्र
अधरों को भिगो-भिगो देता है!
क्या है
जो शून्य में
मधुर पीड़ा भर दिया करता है-
पीड़ा जो संगीत है,
अन्धेरी रातें
किस लिए
किस के लिए
महक उठती हैं,
कौन है वह
धड़कनों के साथ एक होकर
चुपके कह जाया करता है-
पूजा नहीं
दीदार कर
डर ज़रा भी नहीं
क्योंकि
चाहत का किया
न कोई पाप है
न अपराध
प्यार कभी दण्डित नहीं होता
बलिदान चरम उपलब्धि है…
आने वालों कीर् ईष्या का केन्द्र….

काश
यह सब कुछ
मैं तुम्हें बता सकता
मेरे दोस्त!
जीवन के ख़ूबसूरत रहस्य
विश्वास करो
मेरे पास सुरक्षित हैं
सब के सब
पर करूँ क्या
वाणी का वरदान छिन गया
आतंकित
भागते, भटकते रहने के लिए ही तो
छोड़ दिया गया है मुझे

क्योंकि
उस रात
झील पर
चांद को मैंने
नंगा नहाते देख लिया था

© जगदीश सविता