नाम : ज्ञान प्रकाश आकुल
जन्म : लखीमपुर खीरी
शिक्षा : विज्ञान परास्नातक; बी एड

पुरस्कार एवं सम्मान
1) आरम्भ
2) उन्मुख
3) सृजन
4) कवितालोक
5) खीरी रत्न सम्मान

निवास : लखीमपुर खीरी


ज्ञान प्रकाश आकुल हिंदी गीत के एक ऐसे मौन साधक हैं जिनकी गूँज अनहद की तरह देर से लेकिन दूर तक असर करने की क्षमता रखती है. ज्ञान के गीतों में समाज के उस तिरस्कृत वर्ग की आवाज़ सुनाई देती है जिसे उपेक्षा के अभिशाप ने कई युगों तक अभावों का जीवन जीने को विवश किया. एक सक्षम और सुलझे हुए गीतकार की तरह ज्ञान कभी बुद्ध से बतियाते दिखाई देते हैं तो कभी अचानक समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े होकर अट्टालिकाओं पर व्यंग्य बाण छोड़ते दिखाई देते हैं. ज्ञान के लेखन की मारक क्षमता युग परिवर्तन का आभास कराती है.