नाम : मनीषा शुक्ला
जन्म : 07 सितम्बर; गोरखपुर
शिक्षा : अभियांत्रिकी

 

निवास : नोएडा


गोरखपुर में जन्मी मनीषा शुक्ला अभियांत्रिकी की मशीनी दुनिया में कविता की संवेदना को न केवल संभाले हुए हैं अपितु श्रृंगार की पावनता के साथ प्रेम की कविताएं रचने को कटिबद्ध भी हैं. मनीषा की कविताओं में राधा-कृष्ण के वृन्दावन से लेकर मीरा, सोहनी, लैला हुए आज के युग की कामकाजी स्त्री तक की रोज़मर्रा की ज़िंदगी झलकती है. मनीषा के बिम्ब नारी की परंपरागत छवि से निर्मित होते हैं लेकिन उनके भावपक्ष में अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए लड़ती नारी के मनोभावों की पूरी वकालत दिखाई देती है. मनीषा के गीतों में नारी से स्वाभिमान और उसके समर्पण का संतुलित ताना बाना दिखाई देता है.