सत्य
सिद्ध न भी किया जा सके
तो भी सत्य ही होता है
झूठ को
सिद्ध करने के लिए
चाहिए होती हैं दलीलें
और झूठी गवाहियाँ….

नहीं हूँ तैयार मैं
अपने सच को
सिद्ध करने के लिए
सूली पर चढ़ जाने को
या क्रॉस पर टंग जाने को
या फिर
मन्सूर की तरह
गर्दन कटाने को भी

यह सत्य मेरा है
तुम्हें स्वीकार हो
तो भी
और न हो
तो भी….!

© संध्या गर्ग