रचनाएँ

Category: धनंजय सिंह

दायित्व


ध्वजारोहण


सूर्यास्त


बदलाव


ध्वन्यालोकी प्रियम्वदाएँ


आ न सकूंगा


स्वप्निल आकांक्षा


कक्षा से भटका हुआ उपग्रह हूँ


झाँकते हैं फिर नदी में पेड़


चेहरे


दिन क्यों बीत गए


जंगल उग आए


बेच दिए हैं मीठे सपने


लौटना पड़ेगा फिर-फिर घर


मौन की चादर


बहुत दूर डूबी पदचाप


उग आई नागफनी