रचनाएँ

Category: अदम गौंडवी

भूख के अहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो


न महलों की बुलंदी से, न लफ़्ज़ों के नगीने से


तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है


मुक्तिकामी चेतना अभ्यर्थना इतिहास की


आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िन्दगी


हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िए


जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए