रचनाएँ

Category: राम अवतार त्यागी

सबसे अधिक तुम्हीं रोओगे


एक भी आँसू न कर बेकार


स्वप्नदर्शी के आकाश


वे नयन याद आते हैं


तब दरवाज़े बन्द हो गए


रोशनी मुझसे मिलेगी