रचनाएँ

Category: विष्णु सक्सेना

हम क्यों बहक रहे हैं


गाड़ी चली गई थी


नींदें कहाँ से आएँ


तुम हाथ थाम लेना


हम उलझ रहे हैं


मैं प्यार बाँटता हूँ