रचनाएँ

Category: विशाल जोशी

दिल में एक चेहरा है प्यारा-सा


मुझे नज़र से ही कुछ तो कभी कहा होता


बाद कितने दिनों के हम हैं मिले


यूँ ख़फ़ा तुम रहा न करो


राहों में वो खड़े थे मगर बात ना हुई


पेड़ों पे जैसे चिड़िया बनाती है घर अपना