रचनाएँ

अंधकार

आचार्य महाप्रज्ञ

मत रोको तुम अंधकार को
इसे नियति की शक्ति प्राप्त है
सूरज फिर आएगा
मत रोको तुम बंध द्वार को
उसे मुक्ति का सूत्र प्राप्त है
बंधन खुल जाएगा

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