रचनाएँ

जीवन का मंथन

धनसिंह खोबा ‘सुधाकर’

कष्टों से ही जीवन का तो होता मंथन
घिसने पे अधिक देता है ख़ुश्बू चंदन
कठिनाई में ही सबकी परीक्षा होती
कंचन भी बने आग में तपकर कुंदन

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