हर साँस को विश्वास बना

हर साँस को विश्वास बना

धनसिंह खोबा ‘सुधाकर’

नैराश्य को जो आस बना लेते हैं
हर साँस को विश्वास बना लेते हैं
जीने की कला सिर्फ़ उन्हें आती है
हर दुख को भी जो हास बना लेते हैं

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