एक दीप

एक दीप

नील

रात भर तम से जूझता है
लड़ता है अपने अस्तित्व के लिए
अपनी पहचान के लिए
पर कहाँ शिक़ायत करता है
आंधियों से, थपेड़ों से
और अंधियारों से
जो प्रयत्न करते हैं
दीप का अस्तित्व न रहे!

वह दीप है
बस जलता है
स्वयं के लिए
सब के लिए।

इस रचना का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ने के लिए क्लिक करें

Leave a Reply