रचनाएँ

Tag: कवि

ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं


होली पर तेरी मैं हो ली


सर्जना


सृजन के क्षण


नमी महसूस होती है


मील का पत्थर उदास है


कोई हमसफ़र भी नहीं


बावरे ये लोग


पल में काँटा बदल गया


मैं क्यों लिखता हूँ


कोई गीत नहीं लिखा


शारदे वन्दना


बावरा कवि


वर्तमान


चाहत


गीत लिखते वक़्त


मुक़म्मल क़लाम


नए नग़मे सजा लेना


गीत गढ़ने का हुनर


अनकहा