रचनाएँ

Tag: Hindi

चांदनी से रात बतियाने सहेली आ गयी


एक स्वर मेरा मिला लो!


हिमालय


ख़्वाब की किरचें


तुम निश्चिन्त रहना


पत्नी, प्रेम और पीड़ा


गर्लफ्रेंड


हिलता रहा मन


हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है


ये क्या जगह है दोस्तो, ये कौन-सा दयार है


सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान-सा क्यूँ है


देहरी की क़िस्मत


ग़ुलाब हमारे पास नहीं


एहसास


वसन्त


आया वसंत आया वसंत


वीरों का कैसा हो बसंत


वसंत (दो चित्र)


नदिया के किनारे


बन गया मानव, जानवर