रचनाएँ

Tag: Hope

जीत की चाहत


यही बाक़ी निशां होगा


मरहम


दु:स्वप्न


यकीं ख़ुदा का


जश्न अभी बाक़ी है


अब अंधेरे हैं


फिर बसंत आना है


आँसुओं का ज़लज़ला अच्छा लगा


ख्वाबों को बनाना होगा


हर साँस को विश्वास बना


आशा कम, विश्वास बहुत है


मुस्कुराती रही कामना


सितारों के आगे जहाँ और भी हैं


वक्त क़ी सीधी-सी पहचान


सर के सारे बोझ झटक दे


दिल से कसक नहीं जाती


महकते रिश्तों के मंज़र


कल-पुर्ज़ों की नगरी में भी


ये घटा बारूद की