रचनाएँ

Tag: Philosophy

भावुक प्रेम


यूँ तो यारो थकान भारी है


झूठ की उम्र


बनफूल


कैसे हो तुम महापुरुष


कितना बेपरवा था वो


पलकें बिछाए तो नहीं बैठीं


किसने जाना कि कल है क्या होगा


उस पार न जाने क्या होगा


जीवन की आपाधापी में


सागर की भाषा


मनुष्य


प्लानर


भगवान सबका है


जिल्द बंधाने में कटी


कैमरा


गीत दर्द का


मन का कंगन बेच दिया


ख़तरे में इस्लाम हो नहीं सकता


लाख मनाऊँ साथ न छोड़े