रचनाएँ

Tag: Poetry

चांदनी से रात बतियाने सहेली आ गयी


हिमालय


ख़्वाब की किरचें


वेदना


पत्नी, प्रेम और पीड़ा


गर्लफ्रेंड


भारत की घड़ी


इन्तज़ार


एहसास


वसन्त


आया वसंत आया वसंत


वीरों का कैसा हो बसंत


वसंत (दो चित्र)


बन गया मानव, जानवर


माँ और पिता


तुम्हारे प्यार के बिन


भावुक प्रेम


आँखें भर आईं


कितनी बड़ी क़ीमत है!


प्रेम क्या है