रचनाएँ

Tag: Sattire

एहसास


दुनिया की लिये ख़ैर-ख़बर डूब रहा है


स्वप्न


मंदिरों में आप मनचाहे भजन गाया करें


न्याय


हम किसी से कम नहीं


विधवा पेंशन


पुल की ईमानदारी


पेट का इंटरव्यू


देखे रोज़ फिसलते लोग


जिल्द बंधाने में कटी


दीनू


सूरज


एक हरा अहसास जिया


गीत दर्द का


मन का कंगन बेच दिया


ख़तरे में इस्लाम हो नहीं सकता


लाख मनाऊँ साथ न छोड़े


मेरी बानी ख़ुद बोलेगी


हम सुनाते रहे