रचनाएँ

Tag: struggle

ग़ुलाब हमारे पास नहीं


कितनी बड़ी क़ीमत है!


किसने जाना कि कल है क्या होगा


सीढ़ी


अफ़वाह किसने फैलाई है?


रेत के टीले


राम बनने के लिए


एक दीप


दर्द को सद्भाग्य समझ जीता है


जीवन का मंथन


वक्त क़ी सीधी-सी पहचान


बच-बच के गुज़रना होगा