रचनाएँ

Tag: truth

झूठ की उम्र


जीत की चाहत


सियासत का ज़हर


भूख के अहसास को शेरो-सुख़न तक ले चलो


न महलों की बुलंदी से, न लफ़्ज़ों के नगीने से


सत्यम् शिवम् सुन्दरम्


सच्चाई


आसमां नाराज़ है


पहले कभी देखा न था


मंदिर में ही भगवान


सत्य सनातन है कज़ा आएगी


समदर्शी ही होता दर्पण


बादल को घिरते देखा है


भविष्य के फूल