रचनाएँ

Tag: Vision

अपनी आवाज़ ही सुनूँ कब तक


यथोचित


सागर का उपहास


चिन्तन


एक नज़र में प्यार


स्मृतियाँ


छोड़ गाँव का घर


बच्चे अब हुशियार


शिक़ायत


होते ख़ुश माँ-बाप


बाबुल का रोग


बस इतनी रफ़्तार


ध्येय


एक क़दम की चूक से


जीवन है वो रेल


ग़ज़ब समय का फेर


सपने में भी दीखता अब मोबाइल फोन


गौतम-सा सन्यास


जैसा उसका संग


कल्पना