कवि-परिचय

आशीष कुमार ‘अंशु’

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24 दिसम्बर 1984 को बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले में जन्मे आशीष कुमार ‘अंशु’ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक उपाधि प्राप्त की और दिल्ली से प्रकाशित हो रही ‘सोपान स्टेप’ मासिक पत्रिका से कॅरियर की शुरुआत की। आशीष जीवन की बेहद सामान्य प्रतीत होने वाली परिस्थितियों को अपनी पत्रकारीय दृष्टि से तो देखते ही हैं साथ ही उनके अंतस् में कहीं गहरे बैठा कवि उस दृष्टि को और भी अधिक सूक्ष्म कर देता है।
ऊपर से बेहद साधारण लगने वाले आशीष कुमार ‘अंशु’ भीतर से एक अत्यंत प्रभावी विचारक हैं। उनकी सोच बने हुए राजमार्गों पर दौड़ने की अपेक्षा अपने हाथों से बनाई गई पगडंडी पर चलना अधिक पंसद करती है। इस पगडन्डी के निर्माण के दौरान जो कंटीली झाड़ियाँ उनके जिस्म को आघात पहुँचाती हैं, उनकी वेदना और चुभन कविता के माध्यम से अभिव्यक्त होती है।
संकोची और दिखावे से रहित उनका व्यक्तित्व कभी भी अपनी कविताओं का पुलिंदा लिए स्वयं को कवि घोषित करता फिरने का तो आदी नहीं, लेकिन उनकी सोच में कविता निरंतर विद्यमान रहती है।

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One Response to “आशीष कुमार ‘अंशु’”

  1. 1
    anil bharty Says:

    hum ko aap pr naaj h

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