कवि-परिचय

मैथिलीशरण गुप्त

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3 अगस्त सन् 1886 को झाँसी के चिरगाँव में जन्मे मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के सर्वाधिक प्रभावी तथा लोकप्रिय रचनाकारों में से एक हैं। आपकी कविताओं में बौध्द दर्शन, महाभारत तथा रामायण के कथानक स्वत: उतर आते हैं। हिन्दी की खड़ी बोली के रचनाकार, मैथिलीशरण गुप्त जी हिन्दी कविता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के समान हैं।
मानवीय संवेदना और जीवन दर्शन के साथ-साथ आपकी रचनाएँ अनेक स्थानों पर सूक्तियाँ बन गई हैं। ‘रंग में भंग’, ‘भारत-भारती’, ‘जयद्रथ वध’, ‘विकट भट’, ‘प्लासी का युध्द’, ‘गुरुकुल’, ‘किसान’, ‘सिध्दराज’, ‘जयभारत’, ‘द्वापर’, ‘वैतालिक’, ‘कुणाल’, ‘यशोधरा’, ‘जयद्रथ वध’, ‘पंचवटी’, ‘अर्जन-विसर्जन’, ‘काबा-क़र्बला’ और ‘साकेत’ आपकी प्रकाशित काव्य-कृतियाँ हैं। इसके अतिरिक्त आपने ‘तिलोत्तमा’ और ‘चरणदास’ नाम से दो नाटक भी लिखे।
सन् 1964 में हिन्दी का यह लाडला पुत्र मृत्यु की गोद में सो गया।

मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएँ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

10 Responses to “मैथिलीशरण गुप्त”

  1. 1
    suresh patidar Says:

    maithilisharan gupta ki janma tithi 1885 ke sthan par 1886 hona chahia,
    dr.nagendra ke itihas me1886 de rakhi hai.
    thanks
    S .. patidar

  2. 2
    suresh patidar Says:

    maithilisharan gupta ki janma tithi 1885 ke sthan par 1886 hona chahiye,
    avam nidhan tithi 1965 ke sthan par 1964 .dr.nagendra ke itihas me janma tithi 1886 avam nidhan tithi 1964 de rakhi hai.
    thanks
    S .. patidar

  3. 3
    chirag Says:

    आदरणीय सुरेश जी
    आपके सुझाव अनुसार संपादन कर दिया गया है
    आशा है भविष्य में भी आपका सहयोग हमें मिलता रहेगा

  4. 4
    Sokoptimering Says:

    Good web site.

  5. 5
    Bicomander Says:

    Hello!
    nice collection

  6. 6
    MrJackson Says:

    I love coming here and reading about all the intresting things on this site everyday.

  7. 7
    Geeta bhatt(Surgeet) Says:

    wonderful and inspirative poems emerging from the true patriotic spirit.i have read Bharat Bharti and impressed .want to translate in Gujarati ,if permitted

  8. 8
    Geeta bhatt(Surgeet) Says:

    wonderful and inspirative poems emerging from the true patriotic spirit.

  9. 9
    mirza akhtar Says:

    Gupta ji ki itnisi information he…
    5hodi aur honi chahiye. But thanks.

  10. 10
    Sulekha Says:

    Where can I procure a copy of Saket written by Mythili Sharan Gupt?

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