कवि-परिचय

रश्मि सानन

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21 फरवरी सन् 1965 को नई दिल्ली में जन्मी रश्मि सानन ने शास्त्रीय संगीत तथा अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। देश भर के काव्य-मंचों पर अपनी रचनाओं के माध्यम से पहुँचने वाली रश्मि जी वर्तमान में भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के कार्यालय में कार्यरत हैं। आप अनेक साहित्यिक संस्थाओं की सक्रिय सदस्या हैं। आपका एक ग़ज़ल-संग्रह ‘तन्हा-तन्हा’ हाल ही में प्रकाशित हुआ है।
रश्मि जी की शायरी भारत की बेहद आम स्त्री की संवेदनाओं से लेकर प्रेम की सूक्ष्म अनुभूतियों तक तमाम भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। आपकी ग़ज़लियात अपनी पूरी भव्यता के साथ श्रोता अथवा पाठक के लिए यादगार बनने की क्षमता रखती हैं।
आपके पहले ग़ज़ल-संग्रह की भूमिका में वरिष्ठ रचनाकार लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने लिखा है- ”रश्मि की ग़ज़लों में यूँ तो पारंपरिक उर्दू का रंग अधिक उभर कर आता है जिनका मुख्य स्वर प्रेम है किन्तु अन्य अनेक रंग भी अपनी भरपूर चमक-दमक के साथ अपनी उपस्थिति का अहसास करा देते हैं। आज के दौर की तल्ख़ सच्चाइयाँ, रिश्तों की टूटन, जीवन में घुसपैठ करता बाज़ार, नफ़रत के गहराते साए, आम आदमी की जिजीविषा, उसकी निराशा, संघर्ष, उसके सपने और भी बहुत कुछ! इस भयावह समय में प्रेम, सद्भावना, भाईचारे को बचा लेने की छटपटाहट क़दम-क़दम पर उभर कर आती है।”

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