कवि-परिचय

दीपक गुप्ता

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15 मार्च 1972 को दिल्ली में जन्मे दीपक गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के कला स्नातक हैं। एक कवि के रूप में दीपक गुप्ता की पहचान हास्य-व्यंग्य के रचनाकार और प्रस्तोता के रूप में है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाक़िफ़ हैं की दीपक गुप्ता नाम है उस ज़हीन शख़्स का जिसकी ग़ज़लियात अपने आप में दौर-ए-हाज़िर की तस्वीर को पेश करने की क़ाबिलियत रखती हैं।
1995 में दीपक गुप्ता का पहला काव्य-संग्रह ‘सीपियों में बंद मोती’ प्रकाशित हुआ और इस संग्रह को 1995-96 का ‘साहित्यिक कृति पुरस्कार’ भी प्राप्त हुआ। अनेक पुरस्कारों और सम्मानों से सुसज्जित दीपक गुप्ता हिंदी कविता की वाचिक परंपरा का सुपरिचित नाम है। हास्य की क्षणिकाओं से घंटों श्रोताओं का मनोरंजन करने में सक्षम दीपक गुप्ता लौकिक जीवन में अपना व्यवसाय करते हैं।

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