कवि-परिचय

सुषमा भण्डारी

4 अक्टूबर सन् 1965 को दिल्ली में जन्मी सुषमा भण्डारी ने हिन्दी विषय में स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षाध्ययन करने के बाद अध्यापन कार्य शुरू कर दिया। वर्तमान में वे दिल्ली नगर निगम में अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। काव्य की अनेक विधाओं में आप निरंतर लेखन कर रही हैं। आपकी कविताएँ मानव मन की उन अनुभूतियों की सहज अभिव्यक्ति हैं जिनको हर मनुष्य जीता तो है पर कह नहीं पाता।
माहिया जैसे छोटे से छन्द में भी आपने काफ़ी लेखन किया है। ‘चंदा मामा’; ‘मेरा हिन्दुस्तान’; ‘गुनगुनाते रहें’; ‘शिक्षा एक गहना’; ‘सुनो कहानी’; ‘कोपलें’; ‘मैं सफ़र में हूँ’ और ‘माहिया तेरे लिए’ जैसे अनेक काव्य संकलनों में आपकी लेखनी संग्रहीत है। देश भर में होने वाली साहित्यिक गोष्ठियों में आपकी निरंतर भागीदारी देखी जाती है।
आपको अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार व सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है।

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