कवि-परिचय

AJAY SEHGAL अजय सहगल

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अजय सहगल उन गिने-चुने रचनाकारों में से एक हैं जिन्होंने देशप्रेम की कविताएँ लिखी ही नहीं बल्कि उन्हें जिया भी है। देश की सेवा में रत रक्षा प्रहरियों की सुविधाओं के लिए दिन-रात तत्पर रहने वाले अजय जी का काव्यकर्म उन अनछुए प्रश्नों को समर्पित है जिन पर यकायक सबका ध्यान नहीं जाता। बी ई (सिविल) तक शिक्षाध्ययन करने के बाद से अजय जी ‘रक्षा संपदा संगठन’ में सेवारत हैं। हिमाचल की धरती से उपजे इस रचनाकार की रचनाएँ ऐसी वैचारिक संपदा है, जो समाज के नवनिर्माण में सहयोगी हो सकती है। अजय जी का कथ्य उनके शिल्प की सीमाओं में बंधने को तैयार नहीं है। वे सत्य को आलंकरिक करने से अधिक उसे बलिष्ठ करने में विश्वास रखते हैं। सकारात्मकता और जिजीविषा उनके काव्य के दो आयाम हैं। ‘सवाल राष्ट्र का’ और ‘सुगन्धि’ उनकी दो प्रकाशित पुस्तकें हैं।
इस समय अजय जी श्रीनगर, कश्मीर में सेवारत हैं।

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2 Responses to “AJAY SEHGAL अजय सहगल”

  1. 1
    Atul Bharwdaj Says:

    11 Dec was the most happiest day of my life. As you met me after 27 years.
    Now on internet you are always before me. Be continue. Be in contact with me.

  2. 2
    Rakesh Goyal Says:

    Hats off to you my friend Ajay. It was realy pleasure talking to you after 12 years. I feel honoured being your friend. I will always keep in touch with you.

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