कवि-परिचय

BAGHI CHACHA बाग़ी चाचा

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23 सितम्बर सन् 1948 को दिल्ली में जन्मे जय किशन कौशिक आज बाग़ी चाचा के रूप में एक हास्य-व्यंग्य कवि के रूप में जाने जाते हैं। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में वरिष्ठ लेखाकार के पद से सेवानिवृत्ता बाग़ी चाचा की रचनाओं में व्यंग्य की पैनी धार है लेकिन उन पर हास्य का आवरण चढ़ा हुआ है। वे अपने बिल्कुल अलग बिम्बों और कथानकों के आधार पर सामाजिक बुराइयों का चित्रण करने में दक्ष हैं। ‘पेड़ और पुत्र’ शीर्षक से आपका काव्य-संग्रह प्रकाशित हो चुका है। अनेक संस्थाओं से सम्मानित बाग़ी चाचा की रचनाएँ उनके व्यक्तित्व के समान ही सहज और सौम्य हैं।

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One Response to “BAGHI CHACHA बाग़ी चाचा”

  1. 1
    bunnyk Says:

    evaru veeedu?????
    naa kem telusu ra???
    eina gurinche undi kaani balswaroop rahi gurinche ledu!?!?!?!
    idi na frustration….

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