RAMESH SHARMA रमेश शर्मा

RAMESH SHARMA रमेश शर्मा

6 अप्रैल सन् 1961 को मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले में जन्मे रमेश शर्मा वर्तमान समय के एक ऐसे सादा रचनाकार हैं, जिनकी सादगी उन्हें ख़ास बनाती है। गीत जैसी शास्त्रीय विधा को किस हद तक आम किया जा सकता है इसका अंदाज़ा रमेश शर्मा के गीतों को सुन-पढ़कर लगाया जा सकता है।
मरुथल से अभिशप्त राजस्थान जिस प्रकार अपनी तमाम विसंगतियों के बावजूद अपने वैभव के लिए विख्यात है उसी प्रकार जीवन के तमाम संघर्षों के बीच चिचित्तौड़गढ़ के छोटे से गाँव सेगवा के रमेश शर्मा अपने गीतों की सच्चाई और सादगी के लिए जाने जाते हैं।
कला विषयों से स्नातक करने वाले रमेश शर्मा के गीतों से गाँव की वह सौंधी ख़ुश्बू उठती है जो यकायक सबको जानी-पहचानी ही लगती है। दरअस्ल रमेश जी के गीतों में वह अनोखापन है जिसे भोगते तो सब हैं किन्तु पकड़ कोई नहीं पाता। रमेश जी ने इस अनोखेपन को बड़े भोलेपन से गीतों में पिरोया है यही कारण है कि वाचिक परंपरा की इक्कीसवीं सदी के परिप्रेक्ष्य में रमेश जी न केवल अपने गीतों की भव्यता लिए स्थापित हुए बल्कि लोकप्रियता के नए मापदण्ड भी तय किए।

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