नाम : दीपक गुप्ता
जन्म : 15 मार्च 1972; नई दिल्ली नांगल चौधरी, हरियाणा
शिक्षा : कला स्नातक; पीजीडीएम (मानव संसाधन)

पुरस्कार एवं सम्मान
राष्ट्रीय राजीव गाँधी युवा कवि पुरस्कार (1992 व 1994) बाल्कन जी बाड़ी इंटरनेशनल, नई दिल्ली
साहित्यिक कृति पुरस्कार (1995-96) हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार
सरस्वती रत्न सम्मान (2004) अखिल भारतीय स्वतन्त्र लेखक संघ
इंदिरा देवी स्मृति सम्मान (2006) संस्कार भारती, हापुड़
फरीदाबाद गौरव सम्मान (2009) मानव सेवा समिति, फरीदाबाद, हरियाणा
अट्टहास युवा रचनाकार सम्मान (2011) माध्यम साहित्यिक संस्था, लखनऊ
भारतीय हास्य कवी सम्मान (2013) हिंदी अब्रॉड, कनाडा
हास्य कवी सम्मान (2013) हिंदी प्रचारिणी सभा, कनाडा
संस्कृति समन्वय सम्मान (2013) सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति
हास्य रत्न सम्मान (2013) हरियाणवी काव्य अकादमी, भिवानी

प्रकाशन
सपनों में बंद मोती ( काव्य संग्रह) 1995
रास्ते आवाज़ देते हैं (ग़ज़ल संग्रह) 2012
रौशनी बाँटता हूँ (ग़ज़ल संग्रह) 2015
मज़े में रहो (ऑडियो सीडी)

निवास : फरीदाबाद


15 मार्च 1972 को दिल्ली में जन्मे दीपक गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के कला स्नातक हैं। एक कवि के रूप में दीपक गुप्ता की पहचान हास्य-व्यंग्य के रचनाकार और प्रस्तोता के रूप में है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाक़िफ़ हैं की दीपक गुप्ता नाम है उस ज़हीन शख़्स का जिसकी ग़ज़लियात अपने आप में दौर-ए-हाज़िर की तस्वीर को पेश करने की क़ाबिलियत रखती हैं।
1995 में दीपक गुप्ता का पहला काव्य-संग्रह ‘सीपियों में बंद मोती’ प्रकाशित हुआ और इस संग्रह को 1995-96 का ‘साहित्यिक कृति पुरस्कार’ भी प्राप्त हुआ। अनेक पुरस्कारों और सम्मानों से सुसज्जित दीपक गुप्ता हिंदी कविता की वाचिक परंपरा का सुपरिचित नाम है। हास्य की क्षणिकाओं से घंटों श्रोताओं का मनोरंजन करने में सक्षम दीपक गुप्ता लौकिक जीवन में अपना व्यवसाय करते हैं।