मैंने बीते हुए युग की
कथा लिखी थी
वह सच नहीं हुई
तुम आनेवाले क्षण की
कहानी लिख रहे हो
वह भी सच नहीं होगी,
काल सबको ग्रस लेगा
शेष रह जायेगा दंभ
मेरा, तुम्हारा, उसका
तुम जानते हो किसका
बोलो नहीं, क्योंकि…
जो भी तुम बोलोगे
झूठ होगा सब

© विष्णु प्रभाकर